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सर्दियों में गुड खाएं और रहें स्‍वस्‍थ | Sardiyon mein Gudh khaen aur rahen s‍vas‍th



गुड में पोटैशियम के साथ ही एंटीऑक्‍सीडेंट, जिंक और सेलेनियम जैसे खनिज पदार्थ भी पाये जाते हैं। यह श‍रीर में फ्री रेडिकल की क्षति को रोकने में मदद करते हैं, जिससे हमारे शरीर का इम्‍यूनिटी सिस्‍टम मजबूत होता है। गुड के सेवन से संक्रमण और अन्‍य बीमारियां भी नहीं होती। गुड शरीर में हीमोग्‍लोबिन को बढाने में भी मदद करता है।


 

आपने घर में अक्‍सर बुर्जुगों को सर्दियों में गुड कर सेवन करते देखा ही होगा। सर्दियों में गुड किसी भी रूप में खाया जा सकता है। गुड की गजक, गुड तिल के लड्डू, पिन्‍नी, गुड की चाय या फिर खाने के बाद स्‍वीट्स के रूप में थोडा गुड खा लेना, स्‍वास्‍थ्‍य के ‍लिहाज से बहुत ही फायदेमंद है। गुड बहुत ही फायदेमंद होता है। इसमें प्राकृतिक मिठास पाई जाती है।


आइए जानते हैं कि हमें सर्दियों में गुड का सेवन क्‍यों करना चाहिए?


गुड कब्‍ज की शिकायत दूर करता है

रात में भोजन के बाद गुड खाने से शरीर के पाचन एंजाइम सक्रिय हो जाते हैं जिसके कारण पेट में कब्‍ज की समस्‍या नहीं रहती। यह एक प्रकार से डाइयूरेटिक के रूप में भी काम करता है जिससे पेट में गंदगी जमा ही नहीं हो पाती। गुड का नियमित रूप से सेवन करने से पाचन शक्ति बेहतर होती है।



वजन घटाने में भी मदद करता है

जैसा कि आप जानते ही हैं कि गुड खाने से पाचन शक्ति बेहतर होती है और कब्‍ज की शिकायत नहीं रहती। जिससे शरीर में हानिकारक पदार्थ श‍रीर में जमा ही नहीं हो पाते। साथ ही गुड में पोटेशि‍यम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। पोटेशियम शरीर में इलैक्‍ट्रोलाइट को संतुलित रखता है जो हमारे मेटाबोल्जिम सिस्‍टम को बढाता है। साथ ही गुड के सेवन से वॉटर रिटेंशन की समस्‍या भी कम होती है।


इम्‍यूनिटी सिस्‍टम बेहतर होता है

गुड में पोटैशियम के साथ ही एंटीऑक्‍सीडेंट, जिंक और सेलेनियम जैसे खनिज पदार्थ भी पाये जाते हैं। यह श‍रीर में फ्री रेडिकल की क्षति को रोकने में मदद करते हैं, जिससे हमारे शरीर का इम्‍यूनिटी सिस्‍टम मजबूत होता है। गुड के सेवन से संक्रमण और अन्‍य बीमारियां भी नहीं होती। गुड शरीर में हीमोग्‍लोबिन को बढाने में भी मदद करता है।



गुड हमारे लिवर को दुरूस्‍त रखने में मदद करता है

गुड प्राकृतिक बॉडी क्लिंजर भी है। यह शरीर से विषाक्‍त पदार्थों को आसानी से निकाल देता है। जिस प्रकार वायु प्रदूषण बढ रहा है ऐसे में हमें प्रति दिन गुड का सेवन करना चाहिए। गुड लिवर को डिटॉक्‍सीफाई करता है इससे लीवर पर दवाब कम पडता है और हमारा लीवर लंबे समय तक स्‍वस्‍थ रह पाता है।


पीरियड्स के समय नियमित रूप से गुड का सेवन करना चाहिए

प्री-मेंस्‍ट्रुअल सिंड्रोम के लक्षणों से बचने के लिए प्रतिदिन एक टुकडा गुड का सेवन करना चाहिए। गुड में कई प्रकार के आवश्‍यक पोषक तत्‍व पाए जाते हैं जो पीरिड्स के दौरान पेट में ऐंठन और दर्द को कम करते हैं। साथ ही मूड को भी बेहतर बनाते हैं। गुड एंडोर्फिन का स्राव बेहतर करता है जिससे शरीर को राहत मिलती है।


गुड शरीर में आयरन की कमी को पूरा करता है

गुड में पर्याप्‍त मात्रा में आयरन पाया जाता है जो लाल रक्‍त कोशिकाओं के संतुलन को बनाए रखता है, जिससे शरीर में खून की कमी नहीं होती। गुड खासतौर पर गर्भवती महिलाओं और न्‍यू मदर अर्थात प्रसूता को दिया जाता है। गुड शरीर को तुरंत एनर्जी प्रदान करता है, गुड के सेवन से शरीर में खून की कमी नहीं होती। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्‍व महिलाओं बच्‍चों पुरूषों और बुर्जुगों, सभी के लिए फायदेमंद हैं इसलिए गुड का सेवन सर्दियों में सभी को करना चाहिए।


डायबिटीज में गुड का सेवन किया जा सकता है

गुड में कैल्शियम, आइरन और अन्य आवश्यक मिनरल्स पाए जाते हैं। इसलिए गुड़ खाने से हमारे शरीर को चीनी के दुष्प्रभाव से काफी हद तक बचा जा सकता है। गुड़ में एक प्रकार की महक होती है, जिससे हम बार-बार गुड़ को खाना पसंद नहीं करते हैं, और हमारी शुगर नियंत्रण में रहती है। डायबिटीज के लोगों को गुड सीमित मात्रा में खाना चाहिए। गुड से हमारे शरीर का शुगर लेवेल बहुत ही धीरे बढ़ता है। इसलिए डायबिटीज में गुड का सेवन किया जा सकता है।

कफ और खांसी में है फायदेमंद

गुड की तासीर गर्म होने के कारण यह सर्दियों में गुड खाने से शरीर का तापमान ठीक र‍हता है जिससे हमें सर्दी अधिक महसूूूस नहीं होती। सर्दियों में कफ, खांसी और ठंड से बचने के लिए गुड का सेवन अवश्‍य करना चाहिए।

 
 
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